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अक्‍सर जब हम अधिक समय तक एक ही स्थित में बैठे रहते हैं तो हमारे हाथ और पैर सुन्‍न हो जाते है जिन्‍हें हम हाथ पैर का सोना भी कह‍ते हैं तो आइये जानतेे हैं ऐसा क्‍याें

Kyon So Jaate Hain Haath aur Pair

क्‍यों सो जाते हैं हाथ और पैर - Kyon So Jaate Hain Haath aur Pair

जब हम काफी समय एक ही जगह और एक ही स्थित में बैठे रहते हैं तो हमारी नसें दब जाती है जिससे रक्‍त का बहाव कम हो जाता है और हमारे अंगों को पर्याप्‍त मात्र में पर्याप्‍त मात्र में ऑक्‍सीजन नहीं मिल पाती है जिससे मस्तिक उन अंगोंं के बचाव करने के लिए उन अंगों को शिथिल कर देता है जब हम उस स्‍िथ्‍ात से हटते हैं तो पुन: रक्‍त के साथ ऑक्‍सीजन का संचरण सामान्‍य होता है जिससे हाथ पैरोंं में तेज झंझनाहट होती है इसे ही हाथ पैराें का सुन्‍न होना या सोना कहते हैं




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  1. ATUL BHARADWAJ KYUN INASAAN SONE KEE BAAD BHI DEAMS KYUN AATEIN

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  2. ATUL BHARADWAJ KYA AISA HOO SAKTAA HAI INSAAN AURAT KEE SPERM SE MANUSHYA JANM LETA HAI YAA YEH KOI GOAD KAA CHAMTKAAR HAI YAA YEH VIGYAN YAA SPIRUCHAL POWER HAI QUSTION ANSWER DIJIYEIN

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  3. ATUL BHARADWAJ KYA VAYAKTI MARNE KE BAAD KYUN UTHA KHADA HOO JATAA JAB KI DOCTOR USEIN MRIT SHARIR GHOSHITH KAR CHUKI HOTI HAI AKK DUM SE USEIN JINDAA THARADETA

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  4. ATUL BHARADWAJ HICHAKI KYUN AATI HAI KYA KOI KISI KOO YAAD KARNE SE AATI HAI YEH MITHK YAASATYA BAAT HAI YAA ISKEE PECHE KOI AUR VAJEH HAI

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    1. अतुल जी सबसे पहले आपका ऐसा क्‍यों पर स्‍वागत है
      अतुल जी हम हिच्‍की के बारे में अपनी पुरानी पोस्‍ट में बता चुके हैं आप इसके बारे में 'हमें हिचकी क्यों आती है' पोस्‍ट पर जाकर देख सकते हैं
      बह‍ुुत बहुत धन्‍यवाद

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